Sunday, September 03, 2006

क्या ताजमहल वाकई हिन्दु मंदिर था?

यहाँ देखिए.
 
 
यहाँ कुछ तथाकथित सबूत, मय तस्वीरों के दिये हुये हैं.
 
आपकी क्या राय है?
 
 

25 comments:

SHUAIB said...

पता नही भाइ - हर कोई अलग अलग किस्से सुनाता है - मुझे तो बस इतना मालूम है कि ताजमहल भारत का है

संजय बेंगाणी said...

पहली बात तो यह है की ताजमहल भारत की धरोहर हैं.
दुसरी बात इसे प्रेम की निशानी बताया जाता हैं जो की प्रेम से अधिक शायद दर्द की दास्तान हैं.

अनुनाद सिंह said...

मुझे तो एक बात समझ में नहीं आती है कि दक्षिण भारत में इतने सारे, इतने भव्य और इतने प्राचीन मन्दिर विद्यमान हैं, लेकिन उत्तर भारत में इनका सर्वथा अकाल कैसे है? जबकि प्राचीन काल में उत्तर भारत सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से दक्षिण की अपेक्षा शायद अधिक विकसित था।

Vijay Wadnere said...

अनुनाद जी,
आपका प्रश्‍न तो काफ़ी वाज़ीब है.

भई अपना तो इतिहास में हाथ तंग है, तो अपन को पता नहीं कि "मुगल" दक्षिण में कहाँ तक पहुँचे थे.

जाहिर हैं, जहाँ तक हरा झंडा ना पहुँचा हो वहाँ का केसरिया रंग बरकरार रहा होगा.

है कि नहीं?

आशीष said...

बकवास है यह, किसी भी इतिहासकार ने इस बारे मे कुछ नही कहा है!
काशी विश्वनाथ और बाबरी मस्जिद के बारे मे इतिहासकार लिख सकते है, वे इसे कैसे भूल सकते है ?

sagar said...

उत्तर भारत में स्‍थित विभिन्‍न मंदिरों पर विभिन्‍न आक्रमणों में आक्रमण किया गया यह एक ऐतिहासिक तथ्‍य है।आक्रमण के पीछे की मुख्‍य प्रेरणा के बारे में बहस हो सकती है। धार्मिक उत्‍साह के अतिरिक्‍त एक तथ्‍य यह भी है कि मंदिर महलों की तरह ही सत्ता और सम्‍पत्ति के भी केन्‍द्र हुआ करते थे।धार्मिक संस्‍थान राजाश्रय में ही फलते फूलते थे और राज्‍य को धर्म से ही वैधता मिलती थी।

यह पुछने से पहले कि उत्तर भारत में दक्षिण भारत की तराह मंदिर क्‍यों नहीं है उत्तर और दक्षिण भारत के भिन्‍न सामाजिक -सांस्‍कृतिक इतिहास की विशिष्‍टता को तो समझना ही चाहिए बतौर हिन्‍दू खुद से यह भी पुछना चाहिए कि अपनी जन्‍म भूमि बिहार में आज बौध्‍द धर्म का कोई नामो-निशान क्‍यों नहीं है।क्‍या हमने से किसी ने पुष्‍यमित्र का नाम सुना है।बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी। हम दक्षिण भारत के मंदिरों पर गर्व करते हैं और वहाँ के द्रविड़ियन उत्तर भारतीय ब्राह्‍मणों को आक्रमणकारी मानते हैं।क्‍या कुछ लोगों को पेरियार का नाम याद है।

रही बात ताजमहल के मंदिर होने का तो बहुत सारे बकवासों में एक बकवास यह भी है।

Vijay Wadnere said...

आशीष: हो सकता है कि बकवास हो, मगर एक बात तो माननी होगी आपको कि-हिन्दु अपनी खुद की चीज को तो अपना कहने में सौ बार सोचते हैं, तो फ़िर जब ताजमहल के बारे में ऐसी बात सामने आ रही है तो १००% ना सही ५०% तो सच्चाई होगी कि नही?

और..फ़िर...जब कोई समुदाय किसी एजेंडा के तहत काम करता है तो यह बिल्कुल संभव है कि कुछ सच्चाई सामने ना आ पाई हो.

सागर भाई: हो सकता है कि ताजमहल "मंदिर" ना हो, मगर तथाकथित सबुतों की सुनें तो यह तो "लगता" ही है कि यह कोई हिन्दु निर्माण हो सकता है.

प्रियंकर said...

पी.एन.ओक महोदय लम्बे समय से इस तरह की पुस्तकें लिख रहे हैं . धुनी आदमी हैं एकला चालो की तर्ज़ पर काम किए जा रहे हैं . बाकी पुरातत्ववेत्ताओं और इतिहासकारों का जरा भी समर्थन उन्हें इस मुद्दे को लेकर नहीं मिला .शायद ठीक ही् हुआ कि नहीं मिला वरना देश में विवाद का एक और मुद्दा तैयार हो जाता . इस देश में वैसे ही समस्याओं की कमी नहीं है .एक बार ओक साहब को अपने कॉलेज में भी सुनने का मौका मिला था तब भी उनके श्रीमुख से यह जान कर बहुत आश्चर्य या उत्तेजना नहीं हुई कि ताज़महल हिंदू मंदिर है. हो सकता है हो और बहुत सम्भव है न हो . क्योंकि अकादमिक जगत में ओक साहब के तथ्यों को ले कर एक सहज अविश्वास का भाव है . महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि ताज़महल भारत की एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक इमारत है . और इसी तथ्य को याद रखने में हमारी भलाई है.

उम्दा सोच said...

भाई जो भी हो पर अब इसपर भी कारसॆवको को मत चढा़ दीजिये गा !

Mrityunjay Prasad Srivastava said...

Main is baat ko bilkool sahi maanta hun ki shahjahan ne Mandir tod kar use makabre me tabdil kiya aur "(pyaar ka pratik)" tajmahal banwaya tha kyonki agar jo pyaar karega wo kewal apni bibi se pyaar karega aur dusre logon ka hath katwa dega aisa nahi hota pyar karne wale admi ko sara jahan pyara lagta hai aur wo kisi se pyar kare aur hajaro logon ka hath katwa de aise nahi hota logo ko sachhai sunna khas kar bharat achha nahi lagta are anken khol kar dekhe to aaj Bhagwan Ram ke astitwa pe prashna utha rahe ho to kisi ko aapatti nahi hoti hai jab hum aajad hain tab yeh haal hai us samay to Mughlon ke gulaam the to kya aawaj utha paye honge mandir ko makabre me badalte samay nahi kyonki jaan pyara hota hai na haath katwane ka khauf bhi to raha hoga uoon hi soye rahe aur aur sabhi baton ko shanke ki najar se dekhenge to hamara astitwa bhi khatm ho jayega aur is baat ko soche ki dakhin bharat prachin mandir ab bhi vidyaman hai aur uttar bharat ke mandir kahan gaye sochen jaroor

Tajmahal said...

एक जबरदस्त रचना ..बधाई ..यहाँ आप ताज के बारे में कुछ और जान सकते हैं..

Anonymous said...

I think a DNA Test must be done to determine if Mumtaz is buried there. She was not a saint and no one should take offense in correcting history. Simple as that.
Taj Mahal will still remain a piece of fine architecture.

More importantly one must pay a close attention to the squandering away and wastage of National Wealth that was done by the Mughals starting from Akbar. All that one has to do to fully experience is to go to Sikandra, close to Agra and have a good look at Akbar's masoleum. The national Treasury was emptied by these rulers for their graves. Particularly when it was against the tenets of Islam to have any ornamentation and elaboration of graves as well as places of worship.

It is a disgusting spectacle to watch burial grounds built by national wealth that belonged to the masses. Thank You Haksar

Anonymous said...

By the time Aurangzeb came to rule the National Treasury was empty. He was the only Ruler who never wasted any thing National. Both Hindu and English historians maligned him with the anecdote of Auranzeb's opposition to,dislike of music.
How many know where Aurangzeb is buried and how many go to see his grave. We all can talk a lot,but we all spend money on other's extravaganza. Thank you Haksar

Anonymous said...

Tajmahal is a lover palace so i think thant beacuse thajmahea l is a to nature so i think that my knowledge so i can do it never begian huma pathology many person say that

Anonymous said...

i think that Tajmahal a temple because tajmahal a love palace i think that a person who like love shoud be that like tajmahal so tajmahal TAJ of india


Ashok Sharma Mo-09785205147

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suba jana said...

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Abid said...

taj a love story ek sweet Ajooba bas or khuch nahi tajmahal india ki shan hai

Abid said...

taj a love story ek sweet Ajooba bas or khuch nahi tajmahal india ki shan hai really great shahajha.i love both.. [S.N]Main is baat ko bilkool sahi maanta hun ki shahjahan ne Mandir tod kar use makabre me tabdil kiya aur "(pyaar ka pratik)" tajmahal banwaya tha kyonki agar jo pyaar karega wo kewal apni bibi se pyaar karega aur dusre logon ka hath katwa dega aisa nahi hota pyar karne wale admi ko sara jahan pyara lagta hai aur wo kisi se pyar kare aur hajaro logon ka hath katwa de aise nahi hota logo ko sachhai sunna khas kar bharat achha nahi lagta are anken khol kar dekhe to aaj Bhagwan Ram ke astitwa pe prashna utha rahe ho to kisi ko aapatti nahi hoti hai jab hum aajad hain tab yeh haal hai us samay to Mughlon ke gulaam the to kya aawaj utha paye honge mandir ko makabre me badalte samay nahi kyonki jaan pyara hota hai na haath katwane ka khauf bhi to raha hoga uoon hi soye rahe aur aur sabhi baton ko shanke ki najar se dekhenge to hamara astitwa bhi khatm ho jayega aur is baat ko soche ki dakhin bharat prachin mandir ab bhi vidyaman hai aur uttar bharat ke mandir kahan gaye sochen jaroor

ROSER said...

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lankaflorist said...

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amit said...

mughe to puta nhi ki ye hindu mandir tha ya nhi, log to jane kya kya sunate rehte hain, main to bus itna janta hun ki ye bharat ka hai, or sari duniya main aisa koi dusra nhi hai. ye pya ki nishani hai. or humare nbharat ke buraber koi nhi. so i love india i love taj

Anonymous said...

सदीओ से मुस्लिमो की विचारधारा दूसरो के धर्म स्थान तोड़ने की रही है
जेसे यहुदियो का जेरूसलम , इसाइ ओ का चर्च
भारत में राम जन्म भूमि , कृष्ण जन्म भूमि , कशी विश्वनाथ , १७ बार तोडा गया सोमनाथ
पाक. में टुटा कट्सराज मंदिर , सताईस हिन्दू मंदिर को तोड़कर बनाया हुआ क़ुतुब मीनार
और हजारो पुरानी मस्जिदे जिसके तल में मंदिरों की चीख दबी है

इसलिए ये कोई शक की बात नहीं की ताज महल एक तेजोलेश्वर महादेव मंदिर था और भोले बाबा के पवित्र स्थान को तोड़कर ये मकबरा बना हे
हमें फिर से आन्दोलन जगा कर वहा शिवलिंग की स्थापना करनी चाहिए

हर हर महादेव जय हिन्दू राष्ट्र

rnd technologies said...

Good thought.

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