Wednesday, March 25, 2009

माल-ए-मुफ़्त - दिल-ए-बेरहम

मैं अपने नए स्मार्टफोन के लिए कुछ हिन्दी से संबंधित जुगाड़ ढुँढते हुए इस जालस्थल तक जा पहुँचा - http://www.eyron.in.

यह कंपनी विन्डोज मोबाईल (५ व ६) प्रोफ़ेश्नल के लिए हिन्दी इन्टरफ़ेस सॉफ़्टवेअर मुहैय्या करवाती है। कंपनी के जालस्थल से ही डाउनलोड (~2mb) किया जा सकता है, और वहीं से रजिस्ट्रेशन भी किया जा सकता है। आपको इमेल के द्वारा एक एक्टिवेशन कोड दिया जाएगा जिससे कि आप यह सॉफ़्टवेअर अपने फ़ोन में इस्तेमाल कर सकें।

मैने डाउनलोड, इंस्टाल और रजिस्ट्रेशन करने के पहले जालस्थल को थोड़ खंगाला और कुछ प्रश्न मेरे अंदर कुलबुलाए। जिसके कारण मैं आगे नहीं बढा। आप भी पढिए और सोचिये:

१. मुफ़्त का सॉफ़्टवेअर, अच्छी बात है।
२. डाउनलोड भी मुफ़्त, और अच्छी बात है।
३. रजिस्ट्रेशन भी मुफ़्त, बहुत अच्छी बात है।
४. हिन्दी इन्टरफ़ेस मिलेगा - सबसे अच्छी बात है।
५. कंपनी "इज़राईल" की है....!!! आंयं!!!!??!!??!
६. सॉफ़्टवेअर इंस्टाल करने पर आपके फ़ोन पर एक युनिक कोड मिलेगा, जिसे आपको कंपनी को भेजना पडेगा - रजिस्ट्रेशन के लिये..!!??!!
६. जालस्थल पर पता और फ़ोन नंबर तो है, पर किसी भी व्यक्ति का नाम नहीं है!!!

खुरापाती सोच:
१. आपके फोन की निजी जानकारी गलत हाथों में जा सकती है।
२. आपके फ़ोन का गलत इस्तेमाल हो सकता है - आपकी जानकारी के बिना आपके फ़ोन से मैसेज भेजे जा सकते हैं और तो और काल तक किए जा सकते हैं।
३. अधिकतर स्मार्टफ़ोन्स में GPS सुविधा होती है, यानि, आपकी सही सही स्थिति का पता लग सकता है - आपकी जानकारी के बिना।
४. ..और ना जाने क्या क्या (मैं आप पर छोड़ता हूँ)

4 comments:

संजय बेंगाणी said...

बच के रहना रे बाबा!!

RAJNISH PARIHAR said...

सही सोच है आपकी...!.बच के रहने में ही भलाई है...सब को सतर्क करने हेतु धन्यवाद....

Ravi Srivastava said...

नमस्कार!
आज मुझे आप का ब्लॉग देखने का सुअवसर मिला।
वाकई आपने बहुत अच्छा लिखा है। आप की रचनाएँ, स्टाइल अन्य सबसे थोड़ा हट के है....आप का ब्लॉग पढ़कर ऐसा मुझे लगा. आशा है आपकी कलम इसी तरह चलती रहेगी और हमें अच्छी -अच्छी रचनाएं पढ़ने को मिलेंगे. बधाई स्वीकारें। मै आप के 'कुलबुलाहट' का फालोवर बन रहा हूँ...

आप के अमूल्य सुझावों और टिप्पणियों का 'मेरी पत्रिका' में स्वागत है...

Link : www.meripatrika.co.cc

…Ravi Srivastava
E-mail: ravibhuvns@gmail.com

विजय वडनेरे said...

रवि जी,

यह जानकर अच्छा लगा कि आपको मेरी 'कुलबुलाहट' अच्छी लगी। आप सबको इसी तरह से रचनाएं परोसता रहुँ, यही कोशिश रहेगी.

आपकी हौसलाअफ़जाई का पुन: धन्यवाद!