Wednesday, April 15, 2009

हिंट: मैं हज़ारों में एक हूँ

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पाठकों की भारी मांग को देखते हुए मैं दो हिंट्स दे रहा हूँ:

१. हमारे परिवार में 45 हज़ार लोगों की "अचानक" वृद्धि हो गई है।
२. एक नीलामी में हमारे मुखिया ने "कुछ" खरीद लिया है।

और क्या कहुँ, आजकल अखबारों में बड़े सौदों में यही तो खबर चल रही है।

अभी तो पता नहीं कि 'हमारे' लिये यह अच्छा है या नहीं। देखते हैं आगे क्या होता है।

6 comments:

संजय बेंगाणी said...

भैये किंग फिशर की बात कर रहे हो क्या? :)

दर्पण साह "दर्शन" said...

SatyaMahindra is it ?

Jitendra Chaudhary said...

तुम्हारा दुखड़ा हम समझ गए बच्चा
थके मांदे (TM) ने झूठम को खरीद लिया है ना। लगे रहो....
तुम तो हजारों मे एक हो....टेंशन मत लो।

विजय वडनेरे said...

दर्पण जी: हम लोग भी नये नाम को लेकर जब बात कर रहे थे तो यह नाम भी हमारे दिमाग में आया था। :)

जीतु भैय्या ने सही कहा - हम तो हैं ही हज़ारों में एक!

विष्णु बैरागी said...

शब्‍दों की जादूगरी अच्‍छी लगी। कृपया इसे निरन्‍तर कीजिएगा।

विजय वडनेरे said...

विष्णु जी: यथासंभव प्रयास जारी रहेंगे, अपना स्नेह बनाए रखें।